
हल्द्वानी/मेरठ, प्रेस 15 न्यूज। उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा देने की पहल के तहत उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय शोध, शैक्षणिक गतिविधियों, संयुक्त परियोजनाओं और ज्ञान-संसाधनों के आदान-प्रदान के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद लोहनी (उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय) ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और वे स्वयं को इस विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा मानते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ यह समझौता शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उनके अनुसार आज के समय में उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग और ज्ञान का साझा आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। इससे शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होगा।
इस दौरान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रिसर्च डायरेक्टर प्रोफेसर बीरपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों को स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न शोध परियोजनाओं, प्रकाशित शोधपत्रों, नवाचारों और अकादमिक प्रगति की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ हुआ यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक गतिविधियों को नई गति देगा। इससे शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी संयुक्त रूप से शोध परियोजनाओं, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव खेमराज भट्ट, कंप्यूटर एवं आईटी निदेशक प्रोफेसर जितेंद्र पांडेय, मैनेजमेंट एवं कॉमर्स निदेशक प्रोफेसर गगन सिंह तथा शोध अधिकारी त्रिलोक सिंह गढ़िया उपस्थित रहे।
वहीं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की ओर से कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रोफेसर मृदुल कुमार गुप्ता, प्रोफेसर हरे कृष्णा, प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा, प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, प्रोफेसर प्रदीप चौधरी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. विजेता गौतम तथा मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और शिक्षकगण मौजूद रहे।
दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ यह एमओयू भविष्य में शोध, नवाचार और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









