
हल्द्वानी/ नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार, मानव उपयोग हेतु अस्वच्छ मांस व दुग्ध उत्पादों की बिक्री, एक्सपायर खाद्य सामग्री के उपयोग, खुले में दूध, पनीर व मांस की बिक्री, धूल-मिट्टी, मक्खी व कीट नियंत्रण की कोई व्यवस्था न होने, तथा अनुज्ञापन/रजिस्ट्रीकरण के बिना पका भोजन बेचने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर नैनीताल जिला प्रशासन सख्त हुआ है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम–2006 के अंतर्गत निस्तारित प्रकरणों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 व्यक्तियों / प्रतिष्ठानों पर कुल ₹7,90,000 (सात लाख नब्बे हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया है।
प्रमुख मामलों में लगाए गए जुर्माने🔴👇
रिवर व्यू रिजॉर्ट, डोलमार (भुजियाघाट) – ₹1,00,000 (एक्सपायर खाद्य सामग्री पाए जाने एवं उसका उपयोग करने पर)
फहीम, निवासी खताड़ी, रामनगर – ₹80,000 (बिना लाइसेंस खुले में मानव उपयोग हेतु मुर्गी का मांस बेचने पर)
प्रेम प्रताप सिंह, मटियाली – ₹80,000 (बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार एवं फ्रिज में पुराना बकरे का मांस रखने पर)
सुरेश कुमार – ₹20,000 (सड़क किनारे खुले में जिंदा मुर्गा रखकर व काटकर बिक्री करने पर)
उमेश चंद्र – ₹2,00,000 (खुले में पनीर बेचने पर; राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रुद्रपुर द्वारा अधोमानक पाया गया)
राहुल भटनागर, रामनगर – ₹20,000
दीपक पाल – ₹75,000 (बिना लाइसेंस खुले में मुर्गा बेचने पर)
राकेश साहू – ₹25,000
खड़क सिंह, मल्लीताल – ₹15,000
राकेश चंद्र फुलारा – ₹1,00,000
(खुले में गाय का दूध मानव उपयोग हेतु बेचने पर; प्रयोगशाला जांच में अधोमानक)
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध आगे भी नियमित निरीक्षण एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ जनस्वास्थ्य के साथ अपराध है। बिना लाइसेंस, बिना स्वच्छता एवं मानकों के खाद्य सामग्री बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।









