
टिहरी/देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। सऊदी अरब में कथित तौर पर बंधक जैसी स्थिति में रह रहे टिहरी गढ़वाल के इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहल की है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मामले में तत्काल मानवीय हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि इंद्रमणि नौटियाल को कथित बंधक स्थिति से मुक्त कराने के साथ उन्हें आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप किया जाए।
2018 में रोजगार के लिए गए थे सऊदी अरब
टिहरी गढ़वाल के गौरसाड़ा गांव, ब्लॉक जौनपुर निवासी इंद्रमणि नौटियाल, पुत्र देवी राम नौटियाल, वर्ष 2018 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे। वहां वह रियाद स्थित पिकक रोड्स एंड कॉन्ट्रेक्टिंग कंपनी में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे।
इसी दौरान वर्ष 2018 में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। मामले में सऊदी अरब की न्यायिक प्रक्रिया के तहत इंद्रमणि नौटियाल को एक वर्ष के कारावास की सजा हुई। वहीं ट्रक के बीमा एवं पंजीकरण संबंधी कमी के मामले में कंपनी मालिक पर 9 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया गया था, जिसकी भारतीय मुद्रा में अनुमानित राशि करीब 2.29 करोड़ रुपये बताई गई है।
जुर्माने का भुगतान नहीं, परिवार पर बढ़ता गया संकट
जानकारी के अनुसार, घटना के कई वर्ष बीतने के बावजूद कंपनी मालिक की ओर से जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि इसके चलते इंद्रमणि नौटियाल को कथित रूप से बंधक जैसी स्थिति में रखकर जुर्माना अदा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इंद्रमणि की पत्नी और पुत्री ने उनकी स्वदेश वापसी के लिए अपने स्तर से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। लंबे समय से चली आ रही इस स्थिति के कारण परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है।
सीएम धामी ने विदेश मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की
मुख्यमंत्री धामी ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को भेजे पत्र में पूरे मामले का संदर्भ देते हुए इंद्रमणि नौटियाल को कथित बंधक अवस्था से मुक्त कराने, उन्हें आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनकी सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसे किसी भी उत्तराखंडी नागरिक की सहायता के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
अब परिवार की उम्मीद केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर है। मुख्यमंत्री के पत्र के बाद उम्मीद जगी है कि मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द प्रभावी हस्तक्षेप होगा और इंद्रमणि नौटियाल अपने परिवार के बीच सुरक्षित लौट सकेंगे।









