शिरोधारा, अग्निकर्म और पंचकर्म ने खींचा ध्यान, आयुर्वेदिक शिविर में 288 मरीजों का उपचार

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चंपावत, प्रेस 15 न्यूज। जब बीमारी और दर्द से राहत की तलाश में लोग अस्पतालों के चक्कर काटते हैं, वहीं आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों ने चंपावत में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

लक्ष्मी मार्केट में लगे तीन दिवसीय आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचे। किसी ने पंचकर्म का सहारा लिया तो किसी को शिरोधारा और अग्निकर्म जैसी पद्धतियों से उपचार मिला। शिविर में कुल 288 रोगियों का उपचार किया गया। खास बात यह रही कि बवासीर और भगंदर से पीड़ित मरीजों के लिए अब लोहाघाट आयुर्वेदिक चिकित्सालय में क्षारसूत्र पद्धति से उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है।

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आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग की ओर से लक्ष्मी मार्केट में आयोजित तीन दिवसीय विशाल चिकित्सा शिविर में दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उपचार कराया। शिविर में कुल 288 रोगियों का उपचार किया गया। विशेषज्ञों ने विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी।

शिविर के दूसरे दिन शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द से परेशान मरीजों का पंचकर्म सहित अन्य आयुर्वेदिक पद्धतियों से उपचार किया गया। उदर एवं गुदा रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच में बवासीर और भगंदर के मामले भी सामने आए। चिन्हित मरीजों का उपचार आयुर्वेदिक चिकित्सालय में किया जाएगा।

जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश बसेड़ा ने बताया कि लोहाघाट के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अब क्षारसूत्र पद्धति के माध्यम से बवासीर और भगंदर के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम हुई है।

शिविर में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक युवक को उसकी स्थिति के अनुसार शिरोधारा उपचार दिया गया। वहीं नाड़ी तरंगिणी मशीन के माध्यम से मरीजों की प्रकृति एवं प्रवृत्ति का आकलन कर उपचार की दिशा तय की गई। घुटनों के दर्द से परेशान एक मरीज का अग्निकर्म पद्धति से उपचार किया गया।

आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान, योग, प्राणायाम और दिनचर्या से जुड़े उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग एवं संतुलित जीवनशैली स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

डॉ. प्रकाश बसेड़ा ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। शिविर में लोगों ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को जानने और समझने में विशेष रुचि दिखाई।

(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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