
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। एमबी इंटर कॉलेज रोड में स्थित चंदन अस्पताल में मंगलवार सुबह उस वक्त हालात बिगड़ गए जब बड़ी संख्या में एबीवीपी, छात्रसंघ और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं का जमावड़ा वहां लग गया। अस्पताल के मुख्य गेट से शुरू हुए नारेबाजी वाले विरोध ने हिंसक रूप ले लिया। जिसके बाद पुलिस ने किसी तरह मोर्चा संभाला। विरोध का कारण सोमवार को वायरल वो वीडियो था जिसमें अस्पताल प्रबन्धन पर गंभीर आरोप लगे थे।
इधर, इस पूरी घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर अस्पताल परिसर में हुई हिंसक घटना, तोड़फोड़ और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा डालने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सीनियर जनरल मैनेजर ऑपरेशन्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन सत्यप्रकाश दुबे के अनुसार, एबीवीपी से जुड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में जबरन प्रवेश किया गया। इस दौरान न केवल नारेबाजी और गाली-गलौज की गई, बल्कि अस्पताल में तोड़फोड़ कर भय का माहौल भी बनाया गया।
आरोप है कि ओपीडी, रिसेप्शन काउंटर और फार्मेसी काउंटर को बंद करवा दिया गया, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को प्रवेश नहीं करने दिया गया और अस्पताल की नियमित सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गईं।
कोतवाली पुलिस को दिए पत्र में सीनियर जनरल मैनेजर ऑपरेशन्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन सत्यप्रकाश दुबे ने बताया है कि अस्पताल कर्मचारियों के साथ अभद्रता और हाथापाई की गई। अस्पताल के सीईओ, प्रबंध निदेशक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता की गई।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस हिंसक घटनाक्रम के कारण भर्ती लगभग 50 मरीजों, वार्डों और उपचार क्षेत्रों में अत्यधिक भय और अव्यवस्था का माहौल बन गया। इलाज, निगरानी और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई, जिससे मरीजों की सुरक्षा तक खतरे में पड़ गई। पूरे घटनाक्रम का रिकॉर्ड अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में सुरक्षित बताया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने पुलिस से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी की गई है।









