देहरादून: “मामला निपटा दूंगा…” कहकर मांग रहा था ₹3 हजार, नगर निगम का सफाई नायक गिरफ्तार

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देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। सरकारी तनख्वाह मिलने के बावजूद कुछ कर्मचारियों को अब रिश्वत की कमाई ही आसान रास्ता लगने लगी है। जनता की मजबूरी और सरकारी सिस्टम की धीमी रफ्तार का फायदा उठाकर खुलेआम सौदेबाजी की जा रही है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि अपना वैध काम कराने के लिए भी आम आदमी को जेब ढीली करनी पड़ रही है। रिश्वतखोरी मानो कुछ लोगों का “धर्म” बन चुकी है, जिन्हें न कानून का डर है और न भगवान का भय।

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उत्तराखंड में सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर विजिलेंस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे।

एक दिन पहले खटीमा निवासी पुलिस कांस्टेबल को उपखनिज वाहनों के संचालन के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था, वहीं सोमवार को देहरादून में नगर निगम का सुपरवाइजर/सफाई नायक ₹3 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला देहरादून के बंजारावाला क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता की ऑटो पार्ट्स की दुकान के पास पानी फैला होने पर नगर निगम देहरादून के सुपरवाइजर/सफाई नायक अंकुश कुमार ने उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम-2016 के तहत ₹10 हजार का चालान काटा था।

आरोप है कि चालान को रफा-दफा करने और मामला निपटाने के एवज में आरोपी द्वारा ₹3 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 पर दी।

प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया और ट्रैप टीम गठित की गई। सोमवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

सतर्कता अधिष्ठान ने जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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