
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। बाहर जिस लजीज खाने को आप बड़े चाव से खाते हैं, वह कई बार आपकी सेहत के लिए कितना जानलेवा साबित हो सकता है, इसका अंदाजा देहरादून की एक ताजा घटना से लगाया जा सकता है। होटलों और रेस्टोरेंट की चमक-धमक के पीछे छिपी गंदगी और लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।
देहरादून के न्यू रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जब अचानक छापा मारा, तो वहां का हाल देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
निरीक्षण के दौरान जिला जज व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में सचिव सीमा डुंगराकोटी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (मसूरी) कपिल देव, अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (देहरादून) रमेश सिंह की टीम ने रेस्टोरेंट की रसोई और स्टोर का मुआयना किया। इस दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी और रेस्टोरेंट स्वामी अभय सिंह नेगी भी मौजूद रहे।
छापेमारी के दौरान फ्रीजर में फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू जैसी सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। इसके साथ ही दो दिन पुराने चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज व चाउमीन की सामग्री बरामद हुई। रसोईघर और मसालों की अलमारी में कॉकरोच और चूहे घूम रहे थे तथा चूहों ने मसालों की कई थैलियों को कुतर दिया था।
बर्तन धोने वाले क्षेत्र में तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और कचरा पड़ा था, नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह खराब पाया गया। इसके अलावा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल का प्रमाण और पानी की टेस्ट रिपोर्ट भी मौके पर प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा, दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं, जहां VVIPs सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने एवं परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ, सुरक्षित एवं निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अत्यंत आवश्यक है। रसोईघर में सड़ी-गली खाद्य सामग्री, कॉकरोच एवं चूहों की मौजूदगी तथा साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पाया जाना अत्यंत आपत्तिजनक है।
यह स्थिति खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति अपेक्षित जिम्मेदारी के निर्वहन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है तथा भोजन की गुणवत्ता एवं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।”
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद पांच किलोग्राम बासी चावल, पंद्रह किलोग्राम सड़ी सब्जियां, दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को नष्ट करवा दिया। पनीर, दूध और चिकन करी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने पर रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करवाकर चौदह दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 14 दिन बाद पुन: निरीक्षण किया जाएगा और यदि निर्धारित अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं पाए गए, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।











