
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का अंतरराष्ट्रीय मंच पर बजा डंका, हरप्रीत सिंह ने ‘ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स’ में लहराया परचम
‘स्लो ट्रैवल’ मॉडल को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान: दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में 55 से अधिक देशों की प्रविष्टियों के बीच उत्तराखंड के छात्र की परियोजना बनी उपविजेता।
पर्यावरण संरक्षण और रोजगार पर जोर: नैनीताल-मसूरी से भीड़ घटाने, होमस्टे को बढ़ावा देने और 30% तक कार्बन फुटप्रिंट कम करने का अनोखा मॉडल; डिजिटल ‘ग्रीन पॉइंट्स’ से मिलेगा फायदा।
हल्द्वानी/देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) के पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्याशाखा के छात्र हरप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर विश्वविद्यालय और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में आयोजित ‘ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 (दिल्ली चैप्टर)’ में हरप्रीत सिंह की अभिनव परियोजना ‘स्लो ट्रैवल मॉड्यूल फॉर उत्तराखंड (इकोरूट्स)’ को कॉलेज विद्यार्थी श्रेणी में सतत विकास लक्ष्य-11 (SDG-11) के तहत उपविजेता (रनर-अप) चुना गया। इस वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया भर के 55 से अधिक देशों से प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
मास्टर ऑफ टूरिज्म एवं ट्रैवल मैनेजमेंट (MTTM) के छात्र हरप्रीत द्वारा तैयार यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड में सतत और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
क्या है ‘स्लो ट्रैवल’ प्रोजेक्ट और डिजिटल ‘ग्रीन पॉइंट्स’ प्रणाली?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नैनीताल और मसूरी जैसे अत्यधिक दबाव वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से भीड़ को कम कर पर्यटकों को ग्रामीण व कम प्रसिद्ध स्थलों की ओर आकर्षित करना है। इससे स्थानीय होमस्टे व्यवसाय को सीधे तौर पर प्रोत्साहन मिलेगा।
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें प्रस्तावित डिजिटल ‘ग्रीन पॉइंट्स’ प्रणाली है:
पर्यावरण-अनुकूल कदम पर अंक: स्थानीय होमस्टे में ठहरने, सिंगल-यूज प्लास्टिक का त्याग करने तथा शेयरिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने पर पर्यटकों को डिजिटल अंक (पॉइंट्स) मिलेंगे।
खरीदारी में छूट: इन अंकों का उपयोग पर्यटक स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पादों (ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स) की खरीदारी और भविष्य की यात्रा सेवाओं में छूट पाने के लिए कर सकेंगे।
30% कार्बन फुटप्रिंट घटाने का लक्ष्य
हरप्रीत सिंह के अनुसार, इस मॉडल का मुख्य लक्ष्य पर्यटन गतिविधियों से फैलने वाले प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में 30 प्रतिशत तक की कमी लाना है। इसके साथ ही यह मॉडल पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण रक्षा, ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर केंद्रित है।
विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई
इस गौरवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, पर्यटन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अखिलेश सिंह ने हरप्रीत सिंह को फोन व ईमेल के जरिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।











