नवरात्रि में मचाया धमाल, अब दीपावली पर हल्द्वानी की चंपा पांडे बिखेरेंगी ‘नारियल वाली लक्ष्मी’ का जादू!

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रखो, हार जाओ चाहे सब कुछ मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो… गृहस्थी की जिम्मेदारियों, संयुक्त परिवार के ताने-बाने और चूल्हे-चौके के बीच क्या कोई महिला अपनी कला से पूरे क्षेत्र का दिल जीत सकती है?

कठघरिया के बजूनिया हल्दू गांव की चंपा पांडे ने इस सवाल का जवाब न सिर्फ ‘हां’ में दिया है, बल्कि अपने अद्भुत हुनर से यह साबित कर दिखाया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

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इस शारदीय नवरात्रि में चंपा के हाथों से नारियल पर बनी माता रानी की दिव्य आकृतियों ने ऐसा जादू चलाया कि लोगों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें अपने पूजा-घरों में विराजमान किया।

और अब बारी है दीपावली की। नवरात्रि के बाद अब चंपा पांडे ने दीपावली के लिए कमर कस ली है। नारियल पर मां लक्ष्मी के मनभावन और जीवंत मुखौटों की नई खेप तैयार करने के लिए उनकी कलात्मक उंगलियां दिन-रात जुटी हुई हैं। हालत यह है कि अभी से ही उनके हाथों बनी ‘नारियल वाली मां लक्ष्मी’ को अपने घर लाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है।

मायके की प्रेरणा, पति का साथ… और बन गई ‘हुनर की मिसाल’

ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद चंपा ने जब पहली बार ब्रश थामा था, तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह हुनर एक दिन उनकी सबसे बड़ी पहचान बन जाएगा। मायके में भाई ने हिम्मत बढ़ाई, तो शादी के बाद पति मनोज पांडे ढाल बनकर खड़े हो गए। संयुक्त परिवार की व्यस्तता के बावजूद चंपा ने अपने शौक को कभी मरने नहीं दिया।

चम्पा पांडे के हाथों बनीं नारियल की मां लक्ष्मी का स्वरूप।

वॉल पेंटिंग से शुरू हुआ यह सफर आज धर्म, संस्कृति और पर्यावरण की जीवंत तस्वीरों तक पहुंच चुका है। यही नहीं, चंपा की होनहार बेटी अंजनी और बेटे जय ने भी अपनी मां से यह कला विरासत में सीख रहे हैं और अब नन्हें हाथ भी पेंटिंग में महारत हासिल कर रहे हैं।

बच्चों के लिए सोशल मीडिया से दूरी, फिर भी हुनर की गूंज हर गली में

आज की इस डिजिटल चकाचौंध के दौर में, जहां हर कोई रील्स और लाइक्स के पीछे भाग रहा है, वहीं चंपा ने अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की खातिर सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना रखी है। उनके पास प्रचार-प्रसार का कोई डिजिटल साधन नहीं है, लेकिन उनके हाथों का जादू ऐसा है कि ‘माउथ पब्लिसिटी’ और शुभचिंतकों के जरिए ही उनके पास ऑर्डर की लाइन लग जाती है।

स्थानीय निवासी प्रीति “अंबर” कहती हैं कि एक गृहिणी के लिए गृहस्थी के साथ अपने हुनर को जिंदा रखना किसी तपस्या से कम नहीं। चंपा दीदी के हाथों बने नारियल के मुखौटे देखकर लगता है मानो मां लक्ष्मी साक्षात प्रकट हो गई हों।

इस दीपावली अपने घर लाएं ‘मां लक्ष्मी’ का यह अनूठा रूप!

चंपा पांडे आज समाज की हर उस महिला के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं जो घर-परिवार के साथ-साथ अपनी खुद की एक अलग पहचान बनाना चाहती हैं। अगर उनके इस हुनर को एक बड़ा बाजार और सही मंच मिल जाए, तो उनकी कला दूर-दूर तक अपनी चमक बिखेर सकती है।

यदि आप भी इस दीपावली पर चंपा पांडे के हाथों से बने नारियल के मनमोहक एवं दिव्य मां लक्ष्मी के मुखौटों को अपने मंदिर में स्थापित करना चाहते हैं, तो उनसे तुरंत संपर्क कर सकते हैं। ऑर्डर व संपर्क के लिए कॉल करें: 9719761903

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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