
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। सरकारी फाइलें ठिकाने लग चुकी हैं क्या यह महज एक इत्तेफाकन हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश? नैनीताल स्थित डीएफओ कार्यालय में लगी आग ने इन सवालों को जरूर खड़ा कर दिया है। हालांकि, प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नैनीताल स्थित जू के ऊपर बने डीएफओ कार्यालय में तड़के सुबह आग लग गई। आग की चपेट में आने से कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए। हालांकि, डीएफओ आकाश गंगवार का ऑफिस बाल-बाल बच गया और डीएफओ कार्यालय को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि रात में तेज हवाओं और बारिश के कारण कार्यालय बंद करते समय बिजली नहीं थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सुबह बिजली आने के साथ कहीं शॉर्ट सर्किट हुआ होगा, जिसके बाद कागज या लकड़ी ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते वहां रखे दस्तावेज व फाइलें आग की भेंट चढ़ गईं।
घटनास्थल के समीप ही उप निदेशक प्राणी उद्यान/उप प्रभागीय वनाधिकारी का कार्यालय भी स्थित है। गनीमत रही कि आग वहां तक नहीं पहुंची।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि जिस कार्यालय में आग लगी, वहां मुख्य रूप से अकाउंट, लैंड ट्रांसफर, स्टैब्लिशमेंट आदि से संबंधित फाइलें रखी गई थीं। उन्होंने कहा कि नुकसान की वास्तविक जानकारी कार्यालय में रखी फाइलों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
डीएफओ ने यह भी बताया कि फिलहाल जिन कागजों के आग में जलने की जानकारी है, उनका रिकॉर्ड नैनीताल और देहरादून स्थित कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध है।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट ✍️)











