
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा शादी अनुदान योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। पात्रता पूरी करने वाले लाभार्थियों को यह राशि प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
योजना का लाभ अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की पुत्रियों के साथ-साथ सामान्य वर्ग की ऐसी विधवा महिलाओं की पुत्रियों को भी दिया जाता है, जिन्हें प्रोबेशन कार्यालय से विधवा पेंशन स्वीकृत है। एक परिवार में अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह के लिए योजना का लाभ अनुमन्य है।
ये हैं योजना की प्रमुख पात्रताएं
शादी अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदक बीपीएल/अन्त्योदय कार्डधारक हो अथवा उसकी मासिक आय ₹4,000 तक होनी चाहिए।
विवाह के समय कन्या की आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही विवाह का पंजीकरण कराया जाना भी जरूरी है।
आवेदक को शपथ पत्र के माध्यम से यह भी घोषित करना होता है कि परिवार द्वारा इससे पहले योजना के तहत एक से अधिक पुत्री के विवाह के लिए अनुदान का लाभ प्राप्त नहीं किया गया है।
पोर्टल पर किया जा सकता है आवेदन
शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन सामाजिक सुरक्षा शादी अनुदान पोर्टल ssp.uk.gov.in के माध्यम से किया जाता है। प्राप्त आवेदनों का निर्धारित पात्रता और अभिलेखों के आधार पर परीक्षण एवं सत्यापन किया जाता है। पात्र पाए जाने वाले आवेदनों को अनुमोदन के बाद अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 1 मार्च से अगले वर्ष 28/29 फरवरी तक संपन्न होने वाले विवाहों से संबंधित पात्र आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग ने पात्र परिवारों से आवश्यक अभिलेखों के साथ पोर्टल पर आवेदन करने की अपील की है।
89 लाभार्थियों को मिला ₹44.50 लाख का लाभ
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जनपद देहरादून में 89 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है। इनमें अनुसूचित जाति श्रेणी के 83 लाभार्थियों को ₹50,000 की दर से ₹41.50 लाख तथा विधवा पुत्री शादी अनुदान योजना के तहत 6 लाभार्थियों को ₹3 लाख की धनराशि दी गई है। इस प्रकार कुल ₹44.50 लाख की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है।









