
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। सड़क हादसों के बाद अक्सर ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जहां घायल की मदद के बजाय लोग मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने और रील तैयार करने में जुट जाते हैं। ऐसे माहौल में 79 यूके एनसीसी बटालियन के जवानों की तत्परता एक अलग संदेश देती है।
जवानों ने हादसे को तमाशा नहीं बनने दिया, बल्कि घायल इंसान को प्राथमिकता दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पहले चालक को सुरक्षित बाहर निकाला, प्राथमिक उपचार दिया और फिर पुलिस व परिजनों को सूचना देकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
वर्दी का असली अर्थ केवल अनुशासन और कर्तव्य नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसान की मदद के लिए सबसे पहले आगे बढ़ना भी है।
रानीबाग में 79 यूके एनसीसी बटालियन के जवानों ने अपने त्वरित बचाव कार्य से इसी मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।
हादसे के बाद उनकी तत्परता ने यह संदेश भी दिया कि दुर्घटना के समय कुछ मिनटों की मदद किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक हो सकती है। रील बाद में भी बनाई जा सकती है, लेकिन घायल की मदद का वक्त लौटकर नहीं आता।
रानीबाग एनसीसी कैंप के पास सोमवार रात एक बोलेरो अनियंत्रित होकर मुख्य सड़क से एनसीसी कैंप की ओर जाने वाली सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे 79 यूके एनसीसी बटालियन के जवानों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। जवानों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे चालक को बाहर निकाला और उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
जानकारी के अनुसार, हादसा 22 सितंबर की रात करीब 10:45 बजे हुआ। बोलेरो भवाली की ओर से आ रही थी। वाहन में चालक हर्षवर्द्धन नौलिया पुत्र शेर सिंह, निवासी मल्ला गोरखपुर, हल्द्वानी अकेले सवार थे।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही 79 यूके एनसीसी बटालियन के जवानों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। जवानों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक चिकित्सा दी। इसके बाद 112 पर सूचना देकर स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया तथा घायल चालक को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया। जवानों ने चालक के परिजनों को भी हादसे की सूचना दी।









