
चंपावत, प्रेस 15 न्यूज। किसान परिवार से निकलकर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष कुमार का किसानों के प्रति आत्मीय जुड़ाव शक्तिपुर बूंगा गांव में देखने को मिला। जिलाधिकारी ने गांव पहुंचकर किसान महिलाओं के साथ खेत में मडुवे की क्रॉप कटिंग की। डीएम को अपने बीच खेत में देखकर ग्रामीण महिलाएं काफी उत्साहित नजर आईं।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मडुवा और अन्य मोटे अनाजों से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। पहाड़ों में इन अनाजों का सेवन करते हुए उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला है, इसलिए वह विभिन्न मंचों से मिलेट्स की पौष्टिकता के बारे में लोगों को जागरूक करते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि चंपावत में मडुवा और अन्य मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ना किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है। मडुवा लंबे समय तक गरीबों के भोजन के रूप में देखा जाता रहा, लेकिन इसकी पौष्टिकता के कारण आज इसे व्यापक पहचान मिल रही है। बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच भी मडुवा किसानों के लिए उपयोगी फसल साबित हो सकता है।
डीएम ने किसानों से कहा कि एक दाने से अनेक दाने पैदा करने का हुनर किसान से बेहतर कोई नहीं जानता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि और बागवानी से जुड़ी किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।
किसानों ने बताया कि खेतों के चारों ओर तारबाड़ की सुविधा मिलने से जंगली जानवरों से फसलों को बचाने में काफी मदद मिली है। इससे खेती के प्रति उनका रुझान भी बढ़ा है।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि शासन ने इस वर्ष मडुवे का खरीद मूल्य 52.05 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। सहकारी समितियों के माध्यम से मडुवे की खरीद की जा रही है। अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में विभाग द्वारा पहुंचकर खरीद की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस अवसर पर जिला भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नारायण सिंह, फसल बीमा कंपनी प्रतिनिधि हिमांशु भट्ट, अपर कृषि सांख्यिकी अधिकारी दीपक पंत सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
मिलेट्स के प्रचार में आगे डीएम मनीष कुमारजिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं मडुवा और अन्य मोटे अनाजों को अपने भोजन में शामिल करते हैं और इनके स्वास्थ्य लाभों को लेकर लोगों को जागरूक करते हैं। उनके इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर मिलेट्स के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)










