
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प मानकर वर्षों से काम कर रहे पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं पर्यावरणविद डॉ. आशुतोष पंत ने गांवों में हरियाली बढ़ाने के साथ किसानों की आय मजबूत करने की दिशा में ‘अमृत वाटिका’ योजना शुरू की है।
खास बात यह है कि डॉ. पंत लंबे समय से बिना किसी सरकारी मदद या आर्थिक सहायता के स्वयं के संसाधनों से धरती को हरा-भरा बनाने के मिशन में जुटे हैं।
जानकारी देते हुए डॉ. आशुतोष पंत ने बताया कि ‘अमृत वाटिका’ के तहत ग्रामीणों को उनकी अपनी जमीन पर फलदार बगीचे विकसित करने के लिए उच्चकोटि के पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए किसानों को दो बीघा जमीन बगीचे के लिए निर्धारित करनी होगी। जमीन का स्वामित्व किसान का ही रहेगा और बगीचे से प्राप्त होने वाली उपज का लाभ भी उसी को मिलेगा। किसानों को पौधों की सुरक्षा के लिए तारबाड़, सिंचाई और नियमित देखभाल की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
योजना के पहले चरण की शुरुआत बिंदुखत्ता क्षेत्र से की गई है। पिछले सप्ताह यहां 100 फलदार पौधे रोपे गए। इस पहल में उत्तराखंड शासन के पूर्व अपर सचिव जीवन चंद्र उप्रेती और पूर्व कैप्टन सुंदर सिंह खनका का विशेष सहयोग मिला। डॉ. पंत ने दोनों के सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
डॉ. पंत का कहना है कि बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद अगले वर्ष पहले से बेहतर योजना बनाकर बड़े स्तर पर फलोत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। उनका मानना है कि यदि किसान अपनी रुचि और पूरे मन से पौधे लगाएंगे तो उनकी देखभाल और संरक्षण भी उसी भावना से करेंगे।
‘अमृत वाटिका’ का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि हरियाली और खुशहाली को साथ लेकर चलना है। फलदार पेड़ों से गांवों की हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण को मजबूती मिलेगी और भविष्य में किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल सकेगा।









