SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल, भाकपा (माले) ने मांगा CEC पर महाभियोग

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट और उस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया के बाद एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

रिपोर्ट में चुनाव आयोग के दो आयुक्तों द्वारा एसआईआर से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर बार-बार आपत्तियां दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है। आयोग ने इन मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा बताते हुए कहा है कि पिछले एक वर्ष में आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

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भाकपा (माले) नैनीताल के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि चुनाव आयोग का बयान भी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की पुष्टि करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के भीतर गंभीर मतभेद सामने आए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। उनके अनुसार, चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियां उन सवालों को पुष्ट करती हैं, जिन्हें उनकी पार्टी समेत कई लोग एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगातार उठाते रहे हैं।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि आयोग द्वारा पूरे मामले को सामान्य आंतरिक प्रक्रिया बताना गंभीर सवालों को हल्का करने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सामने आई बातें एसआईआर से संबंधित विभिन्न सार्वजनिक ऑडिट और अध्ययनों में उठाई गई अनियमितताओं से भी जुड़ती हैं।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से नाम बाहर होने और मतदान के अधिकार को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में यदि मतदाता सूचियों को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं तो उनके आधार पर कराए गए चुनावों को चुनाव आयोग की सफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि भाकपा (माले) की ओर से निम्न मांगें उठाई गई हैं

– मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाया जाए।
– एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल निलंबित किया जाए।
– गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए प्रत्येक मतदाता का मतदान अधिकार तत्काल बहाल किया जाए।
– एसआईआर शुरू किए जाने के बाद हुए सभी चुनावों को रद्द कर संबंधित राज्यों में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया जाए।
– चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की भावना के अनुरूप संवैधानिक संशोधन किया जाए तथा चुनाव आयोग के कामकाज में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कदम उठाए जाएं।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाता के अधिकार और संस्थागत पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए तथा एसआईआर से जुड़े सवालों का स्पष्ट समाधान किया जाना जरूरी है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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