साहब! काठगोदाम वैली ब्रिज के नट बोल्ट तो कस दोगे लेकिन सिस्टम के ढीले पेंच कब कसेंगे? 

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी से पहाड़ को जोड़ने वाला काठगोदाम – कलसिया वैली ब्रिज दो दिन से बंद है। इसकी वजह पुल के वो नट बोल्ट और क्रैश बेरियर हैं जो चोरी हो गए और कुछ ढीले होकर गिर गए।

ऐसे में जिम्मेदार विभाग के अधिकारी आननफानन में जागे और पर्यटन सीजन की शुरुआत में ही पुल को मरम्मत के लिए 25 मार्च तक बंद करने का जवाब दे दिया। जिसके बाद पहले दिन यानि कल नैनीताल रोड जाम से कराह उठी। असल में कराहे तो वो लोग जो किसी न किसी वजह से घर से निकले थे।

जाम की वजह से कितने ही बीमारों ने दर्द झेला। न जाने कितनों की ट्रेन छूटी और न जाने कितने लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचे लेकिन सिस्टम में काबिज लोगों को इससे फर्क नहीं पड़ा। आम जनता ही तो है किसी वीवीआईपी का दौरा थोड़े ही है जो दिनरात काम करके पुल को दुरस्त कर देंगे।

आज आमजन को परेशानी देकर भले ही जिम्मेदार विभाग के अधिकारी नट बोल्ट कस दें लेकिन सवाल यह है कि सिस्टम के ढीले नट बोल्ट कौन कसेगा?

काठगोदाम वैली ब्रिज के ढीले नट बोल्ट कसते मजदूर।

सोचिए नैनीताल रोड पर जिस जगह वैली ब्रिज बना हुआ है, उससे चार कदम पर मल्ला काठगोदाम की पुलिस चौकी है। यहां दो पहिया और चौपहिया वाहन सवारों और ट्रक ड्राइवरों का चालान काटने को हमेशा पुलिस तत्पर खड़ी रहती है। लेकिन जो मजाल कभी किसी पुलिस या पुलिस के किसी मुखबिर की नजर पुल के नट बोल्ट चोरने वाले अराजक पर पड़ी हो।

क्या इस घटना के बाद जिम्मेदार पुलिस के पेंच कसे जाएंगे? पुलिस ही क्या एनएच यानी नेशनल हाईवे के अधिकारियों के पेंच भी कसे जाएंगे क्योंकि अगर पुल में नट बोल्ट गायब होने के दौरान कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता?

नैनीताल जिले में लंबे समय से ढीले पड़े सिस्टम के पेंच के निशान आपको जगह जगह मिल जाएंगे। हल्द्वानी से गौलापार, सितारगंज जाने वाली सड़क बनभूलपुरा से आगे पिछले साल बरसात से टूटी हुई है।

हल्द्वानी से गौलापार, सितारगंज जाने वाली सड़क बनभूलपुरा से आगे आज जिस हाल में है , ये नैनीताल जिला प्रशासन की काहिली का एक नमूना है। प्रेस 15 न्यूज

लेकिन जो मजाल अधिकारी उसे सुधारने की जहमत उठा दें, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने बजट का प्रावधान तक कर दिया है। लेकिन नैनीताल जिला प्रशासन में कोई ऐसा जिम्मेदार नहीं जो आमजन को होने वाली इस परेशानी की सुध ले ले। बस सायरन वाली सरकारी गाड़ी, सुरक्षा के लिए होमगार्ड और पुलिस को साथ लेकर रौब और ठसक वाली नौकरी चल रही है।

इतना ही जहां एक तरफ प्रदेश की धामी सरकार और खुद देश के प्रधानमंत्री लगातार उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य और आह्वाहन कर रहे हैं लेकिन नैनीताल जिला प्रशासन को इससे कोई मतलब नहीं है।

नैनीताल जिले में दम तोड़ती पर्यटन व्यवस्थाओं का हाल देखना है तो इन दिनों मल्लीताल रिक्शा स्टैंड से फ्लैट मैदान मां नयना देवी मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते का हाल देख लीजिए। पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और पिछले साल से अब तक पर्यटकों से गुलज़ार रहने वाला यह मार्ग निर्माणाधीन ही है। जैसे तैसे पर्यटक इस मार्ग से गुजर कर नैनीताल में घूम रहे हैं।

मल्लीताल रिक्शा स्टैंड से मां नयना देवी मंदिर जाने वाले मार्ग का ये हाल साफ बता रहा है कि नैनीताल जिले में प्रशासन अपने कर्तव्यों के प्रति कितना जिम्मेदार और समर्पित है। प्रेस 15 न्यूज।

इतना ही नहीं कई मायनों में खास जिस नैनीताल जिले में पोस्टिंग पाने को बड़े से बड़े और छोटे से छोटे आईएएस, पीसीएस, आईपीएस एड़ी चोटी का जोर लगाते हैं, उस नैनीताल शहर को जाने वाला मुख्य मार्ग जगह जगह गड्ढों से घिरा हुआ है।

यानी उत्तराखंड के जिस पर्यटन के नाम का देश दुनिया में हल्ला हो रहा है, ऐसे में कोई पर्यटक नैनीताल आए तो यहां पहुंचने वाली सड़क के हिचखोले कभी नहीं भूलेगा। ऐसे में दूरस्थ पर्यटन स्थलों का क्या हाल होगा, आप अंदाजा लगाइए। उस पर समाधान के विजन के अभाव वाले जिम्मेदार सिस्टम में बैठे अधिकारियों की वजह से सड़क पर लगने वाला बेतरतीब जाम।

नैनीताल में पोस्टिंग मिली नहीं और सब के सब अपने अपने टारगेट को पूरा करने में जुट गए। लेकिन जिन लोगों के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी मिली, उन आम जनता की सुख सुविधा के लिए कोई टारगेट फिक्स नहीं। यही पिछले कुछ सालों से नैनीताल में चल रहा है। लेकिन पूछने वाला और देखने वाला कोई नहीं।

इसी तरह अगर नैनीताल जिला प्रशासन और उसके अधीन आने वाले विभागों के आमजन और पर्यटकों से जुड़े कारनामों पर लिखने बैठे तो असल खबर से भटक जाएंगे। इसलिए अब दोबारा कलसिया वैली ब्रिज की बात करते हैं।

आज यानि गुरुवार को काठगोदाम में कलसिया वैली ब्रिज के बंद किये जाने से जाम के हालत को देखते हुए आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मौके के स्थलीय निरीक्षण किया।

वैली ब्रिज को जल्द से जल्द आमजन के लिए सुचारू करने के निर्देश देते आयुक्त दीपक रावत।

उन्होंने एनएच के अधिकारियों को 24 घंटे कार्य कर रविवार 23 मार्च तक आवागमन सुचारू करने के निर्देश मौके पर दिए।

अधीक्षण अभियंता एनएच अनिल कुमार ने मौके पर आयुक्त को बताया कि वैली ब्रिज से नट बोल्ट के साथ ही कई क्रैश बेरियर गायब होने के कारण ब्रिज आवागमन हेतु असुरक्षित हो गया था। रविवार की रात्रि तक वैली ब्रिज को यातायात हेतु सुचारू कर दिया जाएगा।

आयुक्त रावत ने एनएच के अधिकारियों को सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुचाने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये। साथ ही वैली ब्रिज पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के भी निर्देश अधिकारियो को दिये। उन्होंने अधिकारियों को नियमित वेली ब्रिज की चैकिंग करने के निर्देश दिये जिससे भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकेगा।

उन्होंने एनएच के अधिकारियो से कहा कि वैली ब्रिज पर्वतीय क्षेत्रों के आवागमन हेतु महत्वपूर्ण है। यातायात बाधित होने से लोगों को असुविधा हो रही हैै। उन्होंने एनएच के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा पुल हरहाल में रविवार को आवागमन हेतु सुचारू कर दिया जाए।

आयुक्त ने बताया कि काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत पुल का नवनिर्माण भी प्रस्तावित है लेकिन तब तक अस्थाई रूप से वैली ब्रिज के माध्यम से यातायात जारी रहेगा।

फिलहाल कलसिया पुल मरम्मत कार्य होने के कारण पुलिस ने वनवे ट्रेफिक व्यवस्था लागू कर दी है। हल्द्वानी-काठगोदाम से पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले समस्त वाहन निर्धारित रूट से जायेंगे तथा पर्वतीय क्षेत्र से हल्द्वानी-काठगोदाम की ओर आने वाले वाहन रूसी बाईपास कालाढूंगी होकर आयेंगे।

निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, सीओ सिटी लालकुआं दीपशिखा अग्रवाल, अधिशासी अभियंता एनएच के साथ ही अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

What’s your Reaction?
+1
1
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
Ad Ad Ad

संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

सम्बंधित खबरें