एक बार फिर हल्द्वानी में पुलिस प्रशासन की कमरकस तैयारी, दो दिसंबर का दिन भारी

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। एक बार फिर हल्द्वानी की आबोहवा में बड़ी हलचल है। सर्द मौसम में एक बार फिर सालों से समाधान की आस में टकटकी लगाए हजारों परिवारों के साथ साथ शहर का हर आमोखास इसी सवाल का जवाब खोज रहा है कि अब क्या होगा? हर बार की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। खास यह है कि इस बार जिले के डीएम और एसएसपी दोनों नवनियुक्त हैं।

सच कहें तो हल्द्वानी में रेलवे को विस्तार देने के साथ ही वर्तमान हालातों में शहर के अमन चैन में खलल  डालने वाला यह प्रकरण कहीं न कहीं काहिल सिस्टम की ही देन है। जिसने समय समय पर अपने फायदे के लिए सरकारी भूमि पर लोगों को बसाया और सालों बाद अब उसी जमीन से लोगों को हटाने की तैयारी है। हम बात बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण की कर रहे हैं।

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ये किसी से नहीं छुपा कि बनभूलपुरा के लोगों को वोट बैंक समझकर सालों से गुमराह किया गया। और ये काम किसी और ने नहीं यहां से सियासत की पायदान चढ़ने वालों ने किया। जब सर पर हाथ सियासत का हो तो शासन प्रशासन भी दुम दबाए हर मनमानी को परमिशन दे ही देता है।

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ठीक ऐसा ही बनभूलपुरा में रेलवे जमीन अतिक्रमण को लेकर भी हुआ। यहां साल दर साल लोग बसते गए। सरकारी अस्पताल, दफ्तर, स्कूल बने। खुद रेलवे भी कुंभकर्णी नींद से सालों बाद जागा। और अब लाखों की आबादी के ऊपर छत छीनने का डर है तो सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले में एक और सुनवाई का दिन नजदीक आ गया है। हाईकोर्ट से होते हुए अब सुप्रीम कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है लेकिन अब तक समाधान नहीं मिल सका।

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अब सर्वोच्च न्यायालय में बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में निर्णय के लिए 02 दिसंबर की तिथि नियत है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नैनीताल जिले का पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है।

दिल्ली धमाकों में बनभूलपुरा स्थित मस्जिद के इमाम मौलाना आसिम काजमी से एनआईए की पूछताछ के बाद से माहौल में तनाव है। सोशल मीडिया में नफरती गैंग से लेकर हर आम नागरिक अपनी बात इस इरादे से लिख रहा है कि वो पोस्ट वायरल हो जाए।

सोचिए 8 फरवरी 2024 का वो काला दिन जब बनभूलपुरा में जिला प्रशासन और नैनीताल पुलिस की अनुभवहीन चूक के चलते इतना बड़ा बवाल हुआ कि हल्द्वानी शहर अशांत और देश दुनिया में बदनाम हो गया।

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चूक इसलिए क्योंकि तत्कालीन डीएम वंदना और एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने एलआईयू की अति संवेदनशील रिपोर्ट को दरकिनार कर मामले को बेहद ही हल्के में लिया। जिसके चलते पुलिसकर्मियों की जान पर तक बन आई।

कुछ लोगों को जान से हाथ भी गंवाना पड़ा। इस दौरान पत्रकार पीटे टूटे फूटे सो अलग। कुल मिलाकर तत्कालीन नैनीताल पुलिस प्रशासन के अफसरों की खामियों की सजा पूरे हल्द्वानी ने भुगती। वो बात और है कि डीएम और एसएसपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हुआ बल्कि उन्हें सिंघम के तौर पर पेश किया गया।

एक बार फिर बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट अपने निर्णय में अतिक्रमण क्षेत्र में रह रहे लोगों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार से कह चुका है। अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। अब जिले में नए डीएम ललित मोहन रयाल और एसएसपी मंजूनाथ टीसी की तैनाती है।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है।

इसी क्रम में आज जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी संबंधित विभागों संग बहुउद्देशीय भवन के सभागार में एक समन्वयी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में रेलवे के अधिकारियों और अन्य सभी विभागों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। उक्त गोष्ठी में जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा आगामी तैयारियों को लेकर चर्चा की और महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

गोष्ठी में एसएसपी नैनीताल ने माननीय न्यायालय के निर्णय के उपरांत कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले, तथा राज्य और सरकार के विरुद्ध अवैध आयुध और संसाधन एकत्रित करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्ती से निपटा जाएगा, इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए, सघन चैकिंग, सत्यापन अभियान व गश्त पर जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया सेल को भी प्रभावी रूप से एक्टिव रहने के लिए निर्देशित किया गया। अनावश्यक टीका टिप्पणी करने वाले माहौल बिगड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नैनीताल पुलिस किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में फोर्स/ हेलमेट डंडे बॉडी प्रोटेक्टर तथा अन्य उपकरण मौजूद हैं। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में आरपीएफ का भी कड़ा पहरा रहेगा। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले तथा जब्ती के सामान के साथ छीना झपटी कर नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध आरपीएफ द्वारा भी विशेष अधिकार के तहत त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आता है, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। साथ ही आदेश के पालन में होने वाली कार्यवाही के दौरान सहयोग करने की अपील की गई।

उक्त गोष्ठी में जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन के अधिकारी, सीएमएम नगर निगम हल्द्वानी, रेलवे विभाग, वन विभाग के अधिकारी, एडीईएन उत्तर-पूर्वी रेलवे, जेई रेलवे काठगोदाम, जेई यूपीसीएल आदि अधिकारी मौजूद रहे।

बताते चलें कि रेलवे पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट को बता चुका है कि रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए और ट्रैक पर गौला नदी से कटाव हो रहा है। इस वजह से  रेल विभाग को अतिक्रमित भूमि की तत्काल आवश्यकता है। रेलवे के स्वामित्व वाली करीब 30.04 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण होने का दावा किया गया है। इस जगह पर 4,365 घरों में करीब 50 हजार लोग रह रहे हैं।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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