नैनीताल जिला भगवान भरोसे! एसएसपी की भी नहीं सुन रहे पुलिसकर्मी… हम नहीं खबर कह रही है

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड को देवभूमि मानने और महसूस करने वाले एक तरफ और दूसरी तरफ इस धरती को अय्याशी और अपराध का गढ़ बनाने वाले…यही उत्तराखंड की सच्चाई बनकर रह गई है।

ये बात इसलिए कहनी पड़ रही है क्योंकि आज जिस तरह से उत्तराखंड की धरती लगातार आपराधिक और नशे के सौदागरों का आसान गढ़ बन रही है, उसने मूल निवासियों को चिंतित कर दिया है।

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बात अगर कुमाऊं के द्वार हल्द्वानी की करें तो यह नैनीताल जिले का प्रमुख शहर होने के साथ ही कुमाऊं के छह जिलों के लोगों का पहाड़ के बाद दूसरा ठिकाना है। वहीं देश के दूसरे राज्यों के लोग भी किसी न किसी वजह से लगातार हल्द्वानी और जिले में रह रहे हैं।

यहां तक तो सब ठीक लेकिन बढ़ती आबादी के बीच हल्द्वानी समेत नैनीताल जिले में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की तादाद भी बढ़ रही है। इनमें बाहरी राज्यों के लोगों के साथ साथ उत्तराखंड में रहने वाले लोग भी शामिल हैं।

फिर चाहे नशे के सौदागर हों या देह व्यापार का गिरोह या फिर बच्चों को भिखारी बनाने का गिरोह… हल्द्वानी समेत जिले भर में सब हावी हैं। साल में एक दो बार एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की छापामार कार्रवाई ये साबित भी करती है कि हल्द्वानी जैसे शहर में गली गली खुल रहे स्पा सेंटरों की क्या हकीकत है।

ऐसे में सवाल उठता है जब पुलिस है तो क्यों आपराधिक गतिविधियों को करने वाले मौज काट रहे हैं? तो जवाब है कि जिले की जिम्मेदार पुलिस को इन अपराधों और अपराधियों से कोई लेना देना नहीं रह गया है। हल्द्वानी के आम आदमी की जुबान पर शहर की फिजा को बिगाड़ रहे लोगों की चर्चा आम है लेकिन पुलिस के कान बंद हैं।

बात अगर देह व्यापार की ही करें तो हल्द्वानी शहर में अधिकतर स्पा सेंटर चलाने वाले ही नहीं बल्कि कोई समाजसेवी संगठन तो कोई व्यापारिक संगठन तो कुछ सरकारी रंगीन मिजाज अफसर भी देह व्यापार जैसे गिरोह का हिस्सा हैं।

इतना ही नहीं पत्रकारिता का चोला ओढ़े कई अंगूठाछाप, मुंह काला और गधे की सवारी के तजुर्बेदार टाइप और ठेकेदार किस्म पत्तलकार भी देह व्यापार से कमाई करने में पीछे नहीं हैं। इन सब के बारे में नैनीताल पुलिस को भी पता है क्योंकि खुद पुलिस के कई वर्दीधारी भी इनसे जुड़े हैं।

लाईजनिंग में माहिर इस घिनौने व्यापार में पुरुष तो पुरूष शहर की कई जवान और अधेड़ उम्र की महिलाएं तक शामिल हैं जिनकी पकड़ जिले, शहर के अधिकारियों से लेकर देहरादून में बैठे आकाओं तक बिल्कुल सीधी है।

यही वजह है कि कभी समाजसेवा तो कभी इवेंट की आड़ में देह व्यापार को पनपाने वाले महिला पुरुषों का गिरोह हल्द्वानी और जिलेभर में हावी है। मजे की बात यह इनमें से कुछ तो मीडिया तक की सुर्खियां बने रहते हैं। तो अधिकतर पर्दे के पीछे से गिरोह चला रहे हैं।

चिंता की बात यह है कि इस गिरोह में पहाड़ की उन बेबस लाचार बेटियों के धंसने का खतरा है जिन्हें रोजगार और उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाया जाता है।

ऐसे में समाज में खुद को समाजसेवी, पत्रकार, संपादक, उद्यमी, वर्दीधारी और बड़ा अफसर कहने वाले इन समाज में सफेद छवि लेकर घूमने वालों के काले कारनामों से पर्दा उठाए तो उठाए कौन?

नाम जाहिर न करने की शर्त पर शहर निवासी राजनीतिक पार्टी के एक बड़े नेता बोले कि आप नेताओं और अफसरों को छोड़िए , उनके पास तो पावर है वो कुछ भी कर और करवा सकते हैं लेकिन मैं उस दिन हैरान रह गया था जब मुझे पता चला कि हल्द्वानी में खुद को बड़ा पत्रकार कहने वाले एक शख्स भी देह व्यापार जैसे घिनौने कृत्य में शामिल है। ऐसे में आप शहर और जिले के माहौल का अंदाजा लगा सकते हैं।

जब नेताजी से पूछा कि जब आप इतना बता रहे हैं तो उस पत्रकार का नाम भी बता दीजिए तो उन्होंने कहा कि अरे अब क्या सब हमसे ही उगलवाओगे आप, एक खोजोगे कई मिल जाएंगे।

यानि एलआईयू, इंटेलिजेंस, एसओजी, थाना, चौकी वाले सिस्टम के बीच हर कोई मौन शहर और जिले की फिजा को बिगड़ते देख रहा है और मौन तंत्र यूं ही चल रहा है। न कोई पूछने वाला न कोई सुध लेने वाला।

हालाकि देह व्यापार से खुद की हवस मिटाने और कमाई करने वाले अधिकतर भेड़ियों और भेड़नियों के नाम और सच्चाई से हल्द्वानी और आसपास की थोड़ी ही सही लेकिन जनता वाकिफ जरूर है।

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि नैनीताल पुलिस के जिस एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल पर बच्चों की रिकवरी, भिक्षावृत्ति और अनैतिक देह व्यापार से जुड़े मामलों पर नजर और धरपकड़ की जिम्मेदारी है वो अपने ही कप्तान यानि एसएसपी का आदेश मानने तक को तैयार नहीं है। ये बात हम नहीं खुद नैनीताल पुलिस प्रेस नोट जारी कर कह रही है।

अब एक नजर पुलिस के प्रेस नोट पर भी डालिए

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल द्वारा बच्चों की रिकवरी, भिक्षावृत्ति एवं अनैतिक देह व्यापार से जुड़े मामलों में कोई भी प्रभावी कार्यवाही न होने और बढ़ती लापरवाही के दृष्टिगत कड़ा कदम उठाया गया है।

इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल में नियुक्त कार्मिकों को आज 29 अगस्त 2025 को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।

1. उपनिरीक्षक मंजू ज्याला

2. हेड कांस्टेबल गीता कोठारी

3. कांस्टेबल दीपा सिंह

4. कांस्टेबल महेंद्र सिंह

5. कांस्टेबल मनोज यादव

6. कांस्टेबल इंद्रा जोशी

एसएसपी नैनीताल ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्यों के प्रति लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी के साथ खबर समाप्त होती है, इस उम्मीद में कि हालात बदलेंगे और जुनून के हद तक पढ़ लिखकर पुलिस के अफसर और कॉस्टेबल बने वो वर्दीधारी अपने कर्तव्यों और ज्वाइनिंग के वक्त खाई शपथ का मान रखेंगे… हालाकि वर्तमान हालातों में हल्द्वानी समेत नैनीताल जिले के लोगों की यह उम्मीद वैसे ही नाउम्मीदी जैसी है जैसा डीएम का जनता दरबार…

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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