

हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। नैनीताल जिले में रात के वक्त खनन माफिया हावी हैं। जब जनता सोती है तो सिस्टम को ताक पर रखकर खनन माफिया गौला और दूसरी नदियों से बेखौफ होकर खनन करते हैं। नैनीताल जिला ही क्यों हरिद्वार और देहरादून का भी यही हाल है। ये बात आप कहेंगे हम कैसे कह रहे हैं।

दरअसल, यह बात हम नहीं बल्कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानि लोकसभा में आज सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही।
उन्होंने सदन को बताया कि उत्तराखंड में नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में रात के समय खनन माफिया हावी हैं। ऐसे में खनन माफिया राज्य सरकार और प्रशासन की गाइडलाइन को ताक पर रखते हुए कानून और पर्यावरण सुरक्षा के लिए खतरा बन गए है।
वहीं राज्य के पुलों और सड़कों से होते गुजरते ये अवैध खनन वाहन सरकारी राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की यह बात साफ बयां कर रही है कि राज्य के तीन महत्वपूर्ण जिलों में राजस्व को चूना लगाने का खेल कितने धड़ल्ले से बेखौफ चल रहा है। यह बात कोई सामान्य व्यक्ति कहता तो चल जाता लेकिन यह बात राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद ने पूरी जिम्मेदारी से लोकसभा में कहीं है। ऐसे में इसे झुठलाने की कोई वजह जिम्मेदार विभागों के पास नहीं बचती।
अब देखना होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बात के बचाव में खनन विभाग के जिम्मेदार कौन सा दांव खेलते हैं।


