चंपावत के बेबस पिता को खून के आंसू रुलाने वाला हल्द्वानी का पुलिसवाला निलंबित

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हमारे सिस्टम में कुछ पेशे ऐसे हैं जिनमें ड्यूटी के साथ साथ इंसानियत को भी जिंदा रखने की जिम्मेदारी होती है। इन पेशों में पुलिस विभाग भी शामिल है। हर रोज थाना चौकियों में बेबस और पीड़ित फरियाद लेकर पहुंचते हैं।

पुलिसवालों से न्याय की उम्मीद करते हैं। कुछ पुलिसवाले उनकी उम्मीदों में खरे भी उतरते हैं लेकिन अधिकतर वर्दी की गर्मी में खुद को भगवान से बड़ा मानने लगते हैं और पीड़ितों को इतना परेशान करते हैं कि उनका न्याय से भरोसा ही उठ जाता है।

ये पुलिसवाले भूल जाते हैं कि ये वर्दी कुछ सालों तक इनके शरीर पर है। इन्हें भी एक दिन रिटायर होना है। इनके घर परिवार में भी लोग हैं। और यह भी भूल जाते हैं कि दुनिया चलाने वाले भगवान की इनकी करतूत पर नजर है। अपनी हर करनी का इन्हें आज नहीं तो कल सूद समेत हिसाब देना होगा। वर्दी की गर्मी में आज भले ये सिंघम बनकर घूमें लेकिन पीड़ितों के आंसू और हाय इनका पीछा कभी नहीं छोड़ेंगे।

अब देखिए ना चंपावत मूल के रहने वाले एक बेबस पिता को हल्द्वानी के चौकी और थानों में तैनात पुलिसवालों ने पूरे 10 महीने तक खून के आंसू रुलाए।

भगवान न करे ऐसा किसी भी इंसान के साथ हो जैसा चम्पावत जिले के बाराकोट रैनगांव निवासी दलीप सिंह अधिकारी के साथ हुआ। सुशीला तिवारी अस्पताल के पास सड़क हादसे में बेटा खो चुके बेबस पिता को पुलिस की वर्दी में छुपे संवेदनहीन अपर उपनिरीक्षक राजेंद्र मेहरा ने न्याय देने के बजाय 10 महीने तक न्याय की आस में तड़पा दिया।

जब इस पुलिसवाले की करतूत बेनकाब हुई और नैनीताल पुलिस की किरकिरी हुई तो जिले के कप्तान एसएसपी पीएन मीणा ने बृहस्पतिवार शाम टीपी नगर चौकी में तैनात आरोपी अपर उपनिरीक्षक राजेंद्र मेहरा को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने संदेश दिया कि वर्दी पहनकर पीड़ितों के साथ अन्याय करने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

सड़क हादसे में जवान बेटे को खोने वाले पीड़ित पिता दलीप सिंह अधिकारी ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि उन्हें पुलिस के दरोगा कार्रवाई का आश्वासन घंटों थाने में देकर बिठाए रखते थे। कोतवाली का मामला होने के बावजूद मुखानी थाने भेजते थे।

आरोप है कि बेटे को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए दिलीप सिंह अधिकारी कई पुलिसवालों से पैर तक पड़े लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। आखिरकार पीड़ित पिता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद खुद को मित्र पुलिस कहने वालों ने आरोपी रोहित उर्फ राजेश्वर अधिकारी निवासी आनंद बाग, तल्ला गोरखपुर, हल्द्वानी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने में मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं, पुलिसवालों की शर्मसार करने वाली करतूत बेनकाब होने के बाद एसएसपी ने भी टीपी नगर चौकी में तैनात अपर उपनिरीक्षक राजेंद्र मेहरा को निलंबित किया है।

बेबस पिता दलीप सिंह अधिकारी ने बताया कि बेटे के साथ हादसे की जानकारी उन्हें दूसरे दिन लगी। पुलिसवालों ने उन्हें कॉल तक नहीं किया। जब किसी ने मदद नहीं की तो वह कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के पास फरियाद लेकर गए। कमिश्नर ने उनकी मदद की। जिसके बाद एसटीएच में उनके बेटे का शव उन्हें मिला।

मूल रूप से चम्पावत जिले के बाराकोट रैनगांव निवासी दलीप सिंह अधिकारी के बेटे सूरज अधिकारी रामपुर रोड में किराए के मकान में बच्चों के साथ रहते थे। सूरज की एक बेटी है।

पेशे से ड्राइवर सूरज 14 अप्रैल को सुबह स्कूटी से अपने कमरे की तरफ आ रहे थे। सुशीला तिवारी अस्पताल के पास तेज रफ्तार स्कूटी ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल सूरज को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 17 अप्रैल को उपचार के दौरान सूरज की मृत्यु हो गई।

जिसके बाद हल्द्वानी थाने में मृतक के पिता दलीप सिंह अधिकारी ने तहरीर दी। लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिसवालों ने उन्हें टालना शुरू कर दिया।

तीन अगस्त को बेबस पिता ने हल्द्वानी थाने में फिर डाक से तहरीर दी लेकिन इस बार भी पुलिसवालों की आत्मा नहीं जागी। 14 अगस्त को पीड़ित पिता ने एसएसपी को डाक से शिकायती पत्र भेजा, लेकिन इस पर भी सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद आहत होकर पीड़ित कोर्ट की शरण में गए।

अब एसीजेएम मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के निर्देश पर पुलिस ने रोहित उर्फ राजेश्वर अधिकारी निवासी आनंद बाग, तल्ला गोरखपुर, हल्द्वानी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने में मुकदमा दर्ज किया है।

एसएसपी ने जनपद के अन्य सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे थाने में आने वाले सभी शिकायतकर्ताओं के साथ शालीनतापूर्ण एवं सम्मानजनक व्यवहार करें। उनके द्वारा दी गई शिकायतों पर किसी भी प्रकार का टालमटोल न करते हुए त्वरित कार्यवाही की जाए और मामलों में अभियोग पंजीकृत किए जाएं।

एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी शिकायतकर्ता के मामले में लापरवाही या विलंब नहीं किया जाए, अन्यथा सख्त कार्यवाही के लिए भी तैयार रहें।

एसएसपी मीणा ने इसी मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज की भी लापरवाही बताते हुए प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।

वहीं, थाना भीमताल में पंजीकृत एक अभियोग में पुलिसकर्मी रविन्द्र सिंह राणा द्वारा विवेचना में लापरवाही बरतने पर एसएसपी नैनीताल ने उसे भी निलंबित किया है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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