

हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। सरकारी नौकरी मतलब रिश्वत लेने का अधिकार… जो जहां जिस पोस्ट में है वो अपनी अपनी तरफ से लगा हुआ है। हल्द्वानी में तहसील से लेकर आरटीओ, विकास प्राधिकरण समेत दूसरे जनता से संबंधित विभागों और थाना चौकियों में बैठे वर्दीधारियों की भ्रष्ट करतूत अक्सर बेनकाब होती है। जिनकी नहीं हुई वो अभी ईमानदार कहे जाएंगे।
सीबीआई ने काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एएसआई और लालकुआं रेलवे स्टेशन में इलेक्ट्रिकल तकनीशियन जसवीर को 20 हजार ₹ की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
सीबीआई देहरादून शाखा के एसपी एसके राठी के अनुसार, शिकायतकर्ता पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर डंपर से रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
मामले में उसके खिलाफ रेलवे ऐक्ट की धारा 160 (2) में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि एएसआई और तकनीशियन ने गिरफ्तारी से बचाने और डंपर को जब्त न करने की एवज में शिकायतकर्ता से दो लाख ₹ रिश्वत मांगी। हालांकि, बाद में तरस खाकर यह राशि घटाकर 25 हजार ₹ कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। सीबीआई ने जाल बिछाते हुए रविवार को दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 20 हजार₹ की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा।
सीबीआई की इस कार्रवाई से काठगोदाम से लालकुआं रेलवे स्टेशन तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो के शिकंजे में फंसे आरपीएफ दरोगा हरीश के रिटायरमेंट के अभी पांच साल शेष बचे हैं।


