दिल से: बेटियों को पंख भी दो और डंक भी

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। इस नवरात्रि एक संकल्प लें… बेटियों को तितली नही मधुमक्खी बनाएंगे, पंख भी देंगे और डंक भी देंगे। वो शहद सा व्यवहार भी करेगी और जरूरत पर मुंह भी सुजा देगी। कभी मां दुर्गा तो कभी मां काली है, इन्ही नौ रूपों का मिश्रण एक नारी है…

हल्द्वानी के नवाबी रोड से बीते चार दिनों से लापता बेटी नेहा उप्रेती की गौलापार के कालीचौड़ जंगल में संदिग्ध मौत के बाद यह अभिव्यक्ति उत्तराखंड कांग्रेस आईटी सेल की महासचिव और प्रदेश सह प्रभारी पिंकी पाठक पांडे ने जाहिर की है।

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हल्द्वानी के आवास विकास क्षेत्र निवासी पिंकी पाठक पांडे ने कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनी बाकी है लेकिन प्रथमदृष्टया पुलिस ने इसे आत्मघाती कदम करार दिया है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जिस बेटी को परिवार के लोगों ने मानसिक तौर पर अस्वस्थ करार दिया और उसकी चिंता में अखबार से लेकर सोशल मीडिया का सहारा लिया तो फिर घर में रहने वाली उस बेटी तक परिवार की ये चिंता क्यों नहीं पहुंची? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब आना बाकी है।

सवाल यह भी है कि आखिर परिवार कब बेटियों की भावनाओं को समझेंगे?

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उन्होंने कहा कि समाज में हो रहे बाल अपराध को देखते हुए बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है।

दूसरी तरफ समाज में बाल अपराध की दर दिनोदिन बढ़ती जा रही है, साथ ही इसकी प्रकृति भी जटिल होती जा रही है।

पिंकी पाठक पांडे ने कहा कि वर्तमान पूंजीवाद के दौर में शहरीकरण और औद्योगिकरण की प्रक्रिया ने एक ऐसे माहौल को बना दिया है जिसमें अधिकांश परिवार अपने बच्चों पर नियंत्रण रखने में असफल साबित हो रहे हैं।

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इसका सबसे बड़ा कारण है आत्मनिर्भरता की कमी है। लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना ही कामयाबी की पहली सीढ़ी है। आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभिभावक का सहयोग और प्रोत्साहन जरूरी है।

आत्मनिर्भर बेटियां ही समाज की धरोहर हैं। माता पिता अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य, परवरिश, संस्कार, धर्म, अध्यात्म ज्ञान के साथ साथ इस नवरात्रि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें, ताकि आने वाले दिनों में उनका सुखद और सुरक्षित भविष्य बन सके… जय माता दी

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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