मेरठ जैसा हत्याकांड उत्तराखंड में, लव मैरिज वाली बीबी ने दूसरे प्रेमी संग मिलकर पति को लगाया ठिकाने

खबर शेयर करें -

किच्छा, प्रेस 15 न्यूज। इंसानी रिश्ते लगातार तार तार हो रहे हैं। कलयुग चरम पर है। ऐसे में हर दिन ऐसे ऐसे अपराध देखने और सुनने में आ रहे हैं जिन्हें सुनकर हर किसी की रूह कांप रही है।

हालाकि ऐसे खबरों और शैतानी करतूत वालों को महिमा मंडित करने वाली खबरों को लिखने और प्रचारित करने का हमें कोई शौक नहीं है लेकिन जागरूकता के लिए यह खबर पाठकों के समक्ष रख रहे हैं।

उत्तराखण्ड में भी मेरठ जैसा हत्याकांड सामने आया है। किच्छा में लव मैरिज वाली पत्नी ने अपने दूसरे प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या कर दी। प्रेमी रईस ने पति हरीश के हाथ-पैर पकड़े और पारुल ने उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया। पारुल और हरीश ने 2016 में घर वालों के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था।

अब पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, गांव मल्ली देवरिया निवासी हरीश बीते 15 मार्च की रात घर से लापता हो गया था और 17 मार्च को घर के समीप गेहूं के खेत में उसका शव बरामद हुआ था। इसी दिन मृतक की पत्नी पारूल ने पति की गुमशुदगी की तहरीर पुलिस को दी थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी थी। बुधवार को मृतक के भाई शंकर ने कोतवाली में पारूल और उसके प्रेमी ठेकेदार रईस अहमद उर्फ बाबू निवासी सिरौली कलां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

उसका कहना था कि पारुल ने हरीश के गायब होने की बात किसी को नहीं बताई थी। रईस अहमद उर्फ बाबू का भाई के घर काफी आना-जाना था। रईस अहमद और पारुल के बीच अवैध संबंध हैं। 15 मार्च की रात उन्होंने रईस को अपने भाई के घर जाते देखा था।

आज गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि बुधवार को पुलिस टीम ने वार्ड नंबर एक मल्ली देवरिया में पारूल के घर पर दबिश दी थी।

कमरे से पारूल और मो. रईस उर्फ बाबू निवासी वार्ड नंबर 20 इन्द्रानगर सैरिया मस्जिद के पास सिरोली कलां पुलभट्टा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने आपस में प्रेम प्रसंग होने और हरीश की हत्या करने की बात स्वीकारी थी। इस पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पारूल ने बताया था कि हरीश आए दिन उससे मारपीट करता था। हरीश से छुटकारा पाने के लिए उसने 15 मार्च को रईस को बुलाया था।

यहां पर रईस ने हरीश के हाथ पैर पकड़े थे और पारूल ने तकिए से उसका मुंह दबा दिया था। हरीश की मौत होने के बाद रईस शव को कंधे में लादकर गेहूं के खेतों के बीच में फेंककर चला गया था।

बताया जाता है कि हरीश और पारुल ने प्रेम विवाह किया था। जानकारी के अनुसार पारूल का घर हरीश के घर के पास ही है। आते-जाते समय अक्सर दोनों की मुलाकात होती थी और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। बताया जाता है कि पारूल के कहने पर हरीश ने परिजनों की मर्जी के बिना गांव के मंदिर में 2016 में प्रेम विवाह कर लिया था।

शादी का इतना विरोध था कि हरीश के परिवार का कोई सदस्य शादी में शामिल नहीं हुआ था। शादी के दो साल बाद बेटे का जन्म हुआ था। कुछ साल पहले हरीश सिरौली निवासी राजमिस्त्री रईस उर्फ बाबू के साथ दिहाड़ी का काम करता था और पारुल सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी करती थी।

तीन साल पहले बाबू का जब हरीश के घर आना जाना बढ़ा तो उसकी पारूल से नजदीकियां हो गई थी। दोनों के घर में बाबू का हस्तक्षेप शुरु हो गया था। बताया जाता है कि बाबू ने 50 हजार रुपये का लोन लेकर पारुल को मकान बनवाने के लिए दिए थे। वह समय-समय पर पारूल को आर्थिक मदद करता था।

हरीश ने झोपड़ी तोड़कर मकान बनवाना शुरू किया तो दोनों लालपुर में बाबू के मकान में किराये पर रहने लगे थे। यहां पर हरीश को बाबू और पारुल के अवैध संबधों का पता लगा तो घर पर झगड़ा होने लगा। मकान बनने पर दोनों फिर मल्ली देवरिया रहने आ गए थे। लेकिन पारुल और बाबू के अवैध संबंधों के चलते अक्सर उनके बीच विवाद होता था और यही विवाद हरीश की हत्या का वजह बन गया।

बताया जाता है कि हरीश का शव खेत में मिलने के बाद पारुल लगातार रोने का नाटक कर रही थी ताकि उसकी करतूत का खुलासा न हो, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे वह टूट गई और सब सच्चाई उगल दी।

What’s your Reaction?
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
Ad Ad Ad

संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

सम्बंधित खबरें